सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक- सीएम डॉ. यादव। कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहे- सीएम डॉ. यादव

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सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक- सीएम डॉ. यादव। कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहे- सीएम डॉ. यादव

रतलाम- (Ratlam) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा-

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गेंहू उपर्जान के लिए कोई भी किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित नहीं रहे और बुकिंग वाले सभी किसानों का गेंहू उपार्जित किया जाए। किसानों को कोई परेशानी न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उपार्जन केंद्रों पर किसी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तक 8 लाख 87 लाख से हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से 76.60 लाख मैट्रिक टन गेंहू उपार्जित हुआ है। किसानों को 5 मई तक 16 हजार 472 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ते हुए इस वर्ष 81 लाख मैट्रिक टन गेंहू उपार्जन लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। यह प्रदेश के किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को अन्नदाताओं पर गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रबी उपार्जन अंतर्गत गेहूं उपार्जन की समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 में 34 लाख 93 हजार एकड़ रकबे में हुए गेंहू उपार्जन के लिए 15 लाख 44 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया। प्रदेश में 3 हजार 620 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। स्लॉट बुकिंग से शेष किसानों की बुकिंग के लिए पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन किसानों से गेंहू का उपार्जन 9 मई तक किया जाएगा।

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