गांव गुराडिया में देवारण्य योजना पर स्व सहायता समूहों का प्रशिक्षण सम्पन्न

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गांव गुराडिया में देवारण्य योजना पर स्व सहायता समूहों का प्रशिक्षण सम्पन्न

रतलाम- (Ratlam) राज्य औषधिय पादप बोर्ड के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर राजेश बाथम के मार्ग दर्शन में आयुष विभाग एवं सॉलिडरिडाड संस्था के द्वारा देवारण्य योजना के अंतर्गत शुक्रवार को आलोट विकासखंड के ग्राम गुराडिया में स्व सहायता समूहों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वसहायता समूहों को औषधीय पौधों, विशेषकर तुलसी की खेती को लेकर जागरूक किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. आशीष राठौर ने देवारण्य योजना की विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि यह योजना किस प्रकार से ग्रामीणों को आय के नए स्रोत प्रदान कर सकती है। उद्यानिकी विभाग से शाश्वत चतुर्वेदी ने तुलसी की विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी और उनकी खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। कृषि विभाग से अशोक मालवीय ने जैविक खेती के लाभ, तकनीक और तुलसी की जैविक खेती को लेकर विस्तार से समझाया। बीटीएम (आत्मा) प्रदीप पाटीदार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिससे किसान लाभ ले सकते हैं।

सॉलिडरिडाड संस्था से राहुल गहलोत ने तुलसी की वैल्यू चेन और किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से उद्यमिता की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। आत्मा विभाग से हरिओम धाकड़ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे एवं उन्होंने स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ संवाद किया। प्रशिक्षण में 30 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने तुलसी की खेती को आजीविका के रूप में अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।

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