जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की हत्या पर व्यापारीयों ने एसडीएम जैन व मुस्लिम समाज ने एस.आई सारस्वत को सौंपा ज्ञापन।
रतलाम- (Ratlam) जम्मू-कश्मीर में 27 पर्यटकों की हत्या के विरोध में सैलाना के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। तो वहीं अंजुमन कमेटी सैलाना ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की घोर निंदा की इस हमले में मासूम पर्यटकों की निर्मम हत्या को निंदनीय बताया है। ओर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद समस्त मुस्लिम समाजजन मस्जिद पर एकत्रित होकर यहां से मोन पैदल मार्च निकाला जो स्थानीय पुलिस थाना परिसर पर पहुंचे यहां पर अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एसआई आरपी सारस्वत को ज्ञापन सौंपा।यह हत्या पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर की गई थी। घटना के विरोध में सैलाना व्यापारी एसोसिएशन ने सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन दिया।
व्यापारी पहले राजवाड़ा चौक पर एकत्र हुए। वहां से वाहन रैली के रूप में नगर भ्रमण करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां मंडी व्यापारी संगठन के अध्यक्ष इंद्रेश चंडालिया और किराना व्यापारी संघ के संजय मांडोत ने व्यापारियों की ओर से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस वीभत्स घटना के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसी सजा मिले कि कोई दोबारा ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न करे। ज्ञापन का वाचन व्यापारी संघ के वरिष्ठ सदस्य झमकलाल सियाल ने किया। संचालन पियूष जैन ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
मुस्लिम समाज ने पैदल मार्च निकालकर सौंपा ज्ञापन-
सैलाना का अंजुमन कमेटी ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की घोर निंदा की इस हमले में मासूम पर्यटकों की निर्मम हत्या को निंदनीय बताया है। समिति ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद समस्त मुस्लिम समाजजन मस्जिद पर एकत्रित होकर यहां से मोन पैदल मार्च निकाला जो स्थानीय पुलिस थाना परिसर पर पहुंचे यहां पर अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एसआई आरपी सारस्वत को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया कि इस प्रकार के आतंकवादी हमले करने वाले लोगों और संगठनों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए वही मासूमों को शीघ्र न्याय मिलने की मांग करते हुए
अंजुमन कमेटी सैलाना ने न्याय की मांग करते हुए आतंकवादी हमले के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने के लिए कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।




