विश्व जल दिवस पर 1168 गांव के लोगों ने जल स्रोतों को बचाने का लिया संकल्प
23/Mar/2025
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम (Ratlam,mp)- वागधारा संस्था के सहयोग से शनिवार को जिले के सैलाना ब्लॉक के 50 गाँवो में विश्व जल दिवस मनाया गया। इसमें समुदाय के लोगों ने परंपरागत जल स्रोतों को बचाने का संकल्प लिया। ग्राम स्वराज समूह, कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन की अगुवाई में परंपरागत गीतों और वाद्य यंत्रों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को एकत्रित कर गांव में सबसे पुरानी जल संरचना के पास में परंपरागत जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर संवाद कार्यक्रम रखा गया।
जल संरक्षण मानवीय समाज के लिए अनिवार्य है आदिवासी समाज के लिए जल संरचनाओं को संरक्षित रखना, मृदा में नमी को बनाए रखते हुए उपजाऊ बनाना और देखभाल करना अनिवार्य है।
ब्लॉक कोर्डिनेटर पिंकी टेलर ने बताया कि जल एक प्राकृतिक संसाधन है, इसे पैदा नहीं किया जा सकता है। लेकिन समुदाय के प्रयासों से भूजल संरक्षित एवं पुनर्भरण किया जा सकता है। इसीलिए जल प्रबंधन और संरक्षण करें तो ही जल संकट से बचा जा सकता है।
माही मध्य प्रदेश के यूनिट लीडर धर्मेन्द्र सिंह चुंडावत ने बताया कि आज विश्व जल दिवस के अवसर पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य के 1168 गांव में जल स्वराज की परिकल्पना को साकार करने के लिए समुदाय के साथ में परंपरागत जल संरक्षण, जल संवर्धन के तरीके और जल संरचनाओं को लेकर चर्चा की, जिसमें यह निकलकर आया कि हमारे परंपरागत तौर तरीके और जल स्रोतों से पानी की बहुत ज्यादा बचत होती थी लेकिन जैसे-जैसे नई तकनीक के आती गयी, जल का दोहन बढ़ता गया और हमारे प्राकृतिक जल स्त्रोतों खत्म होते गए। वर्षा के पानी को नहीं रोकने के कारण खेतों की मिट्टी बहने लगी उसके साथ ही उपजाऊपन कम होने लगा। इस विषय की गंभीरता को समझते हुए गांवों में एक साथ सामुदायिक हलमा के माध्यम से विभिन्न जल संरचनाओं की सफाई कार्य, जल निस्तार के कार्य, गहरीकरण के कार्य किए गए। साथ ही हैंडपंप के नजदीक सोखता गड्ढा का निर्माण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जल स्रोतों के पूजन के साथ लोगों ने एक साथ जल संरचना को बचाने का संकल्प लेकर शपथ ली। कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक सहजकर्ता लाल सिंह, राकेश, मनोज, दिव्या, पूजा तथा सरपंच कैलाश खराड़ी ग्राम स्वराज समूह के सदस्य कैलाश, हिन्दू, कंचन बाई, शांति लाल, आशीष आदि उपस्थित रहे।




