भारतीय संस्कृति का मूल आधार है अल्पविराम

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भारतीय संस्कृति का मूल आधार है अल्पविराम

रतलाम- (Ratlam) आनन्द ग्राम अमलेटा में अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव के मार्ग दर्शन में सरपंच वीरेंद्र सिंह राठौर के सहयोग से आनंद विभाग रतलाम द्वारा राज्य आनंद संस्थान के महत्वपूर्ण कार्यक्रम अल्पविराम का आयोजन किया गया। जिसमें 81 नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के गांवों में खुशियां बिखेरने और ग्रामीणों के बीच आपसी संबंधों को सुधारने के लिए आनंद विभाग द्वारा 22 अप्रैल को प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ एक दिवसीय अल्पविराम कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ।

मास्टर ट्रेनर सीमा अग्निहोत्री ने अल्पविराम कार्यक्रम का परिचय दिया तथा बताया कि आनंद ग्राम मे विभिन्न गतिविधियों जैसे स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, मदद, भजन-कीर्तन, खेलकूद, बाल संस्कार केंद्र एवं नागरिकों के आदर्श व्यवहार, द्वारा आंतरिक खुशहाली प्राप्त कर आनंद ग्राम जिले का आदर्श गांव बन रहे हैं। मास्टर ट्रेनर गिरीश सारस्वत ने आनंद क्या है, ये कैसे बढ़ता और कम होता है पूछते हुए आनंद की ओर सत्र लिया। मधु परिहार ने जीवन का लेखा जोखा सत्र द्वारा जीवन में कृतज्ञता के महत्व को बताते हुए मदद करने वालों को धन्यवाद करने को कहा तथा मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र सिंह सिसोदिया ने क्षमा को अपने जीवन में शामिल करने के लिए कहा।

सत्र के बीच आनंदम सहयोगी ईश्वर सिंह राठौर और सुरेंद्र अग्निहोत्री ने विभिन्न आनंद गतिविधि करवाई। सरपंच वीरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि जो हमारे बुजुर्ग बताते थे। आज हमें आनंद विभाग के माध्यम से भी वही शिक्षा दी जा रही है जो हमारी भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। पूर्व सरपंच लक्ष्मी पाटीदार ने कहा कि सुंदरकांड और कथा प्रवचन बहुत सुने लेकिन जो ज्ञान आज मिला है,उससे हमारा वर्तमान जीवन सुधर जाएगा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक कमल सिंह राठौर ने किया।

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