रतलाम में 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को बीएलएस का दिया प्रशिक्षण

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रतलाम में 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को बीएलएस का दिया प्रशिक्षण

2/Mar/2025

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- रतलाम पुलिस लाइन में 250 पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को बीएलएस का प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज मनोज कुमार सिंह एवं रतलाम जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की पहल पर अरबिंदो हॉस्पिटल की ओर से रविवार को पुलिस लाइन रतलाम में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में चिकित्सकों ने पुलिसकर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट या सीपीआर का न केवल महत्व समझाया बल्कि उन्हें प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया भी एक तरह से प्राथमिक चिकित्सा ही कहलाती है।

सर्वप्रथम कार्यशाला का उद्घाटन पुलिस उपमहानिरीक्षक रतलाम रेंज मनोज कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, डॉ. स्वर्णा सरस्वती द्वारा किया गया। तत्पश्चात अरबिंदो हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने सीपीआर के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि कई बार यह देखने में आया है कि किसी दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल लाने के दौरान समय पर सी पी आर नहीं मिलने से मृत्यु हो जाती है। किसी भी दुर्घटना होने पर पुलिस फर्स्ट रिस्पॉन्डर होती है। यदि पुलिस कर्मी को CPR के बारे में जानकारी है और सही तरीके से मरीज को सीपीआर दिया जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा कहा गया कि प्रत्येक व्यक्ति की जान उसके परिवार के लिए अमूल्य होती है। किसी आपात स्थिति में CPR देकर हम किसी का बहुमूल्य जीवन बचा सकेंगे। इसीलिए पुलिस के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों विशेष रूप से पुलिस के ऐसे जवान जो किसी भी आपात स्थिति में फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स होते है जैसे FRV डायल 100, चिता पार्टी, यातायात पुलिस आदि को बीएलएस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बीएलएस प्रशिक्षक डॉ गौरव यादव ने कहा कि सीपीआर यानि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक जीवन रक्षक तकनीक है। इसका इस्तेमाल आपातकालीन स्थितियों में किया जाता है। जब किसी व्यक्ति का अचानक से दिल धड़कना बंद कर दे या सांस लेना बंद हो जाए तो उसे सीपीआर की मदद से ही राहत दी जाती है। दिल का दौरा पड़ते ही अगर सीपीआर दे दिया जाए तो पीड़ित की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। डॉ गौरव यादव और उनकी टीम नर्सिंग ऐडमिनिस्ट्रेटर कृष्णपाल यादव, विजय कुमार सोनी, डॉ सागर गुप्ता, रचित होरे द्वारा पुलिसकर्मियों को कृत्रिम बॉडी पर सीपीआर का प्रशिक्षण दिया।

सीपीआर की प्रक्रिया को 6 स्टेप्स में विभाजित कर प्रत्येक चरण के बारे विस्तार से समझाकर कृत्रिम बॉडी पर डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रशिक्षित किया। कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। शिविर के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, एसडीओपी रतलाम किशोर पटनवाला, डीएसपी आजाक शेर सिंह भूरिया, डीएसपी महिला शाखा अजय सारवान, रक्षित निरीक्षक मोहन भार्रावत, सूबेदार मोनिका ठाकुर सभी थानों का डायल 100 स्टाफ, जीआरपी रतलाम स्टाफ सहित लगभग 250 पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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