जिला कलेक्टर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण,पेयजल गुणवत्ता पर दिए सख्त निर्देश

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जिला कलेक्टर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का किया निरीक्षण,पेयजल गुणवत्ता पर दिए सख्त निर्देश

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम, सीटी रिपोर्टर मोहित शर्मा।

रतलाम- (Ratlam) जिला कलेक्टर मिशा सिंह ने गुरुवार को नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, शहर एसडीएम आर्ची हरित, नायब तहसीलदार मनोज चौहान सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ मोरवानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान शहरवासियों को उपलब्ध कराई जा रही पेयजल व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोरवानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण वर्ष 1980 में किया गया था तथा वर्तमान में शहर में अल्टरनेट दिवस के आधार पर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्लांट में जहां-जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य कराया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि पेयजल के सेम्पल नियमित रूप से लिए जाएं और वार्ड स्तर पर भी सैंपलिंग सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि नियमित रूप से सैंपल लिए जा रहे हैं तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उज्जैन के अधिकारी भी समय-समय पर जांच कर रहे हैं। कलेक्टर ने मौके पर सेम्पल व सफाई व्यवस्था के रजिस्टर की जांच की और तत्काल पेयजल के नमूने लेकर जांच के निर्देश दिए।

टेक्निशियन ने बताया कि प्लांट में पानी की टर्बिडिटी, क्लोराइड, कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच, ई-कोलाई सहित अन्य मानकों की जांच की सुविधा उपलब्ध है। बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट 24 घंटे में प्राप्त हो जाती है। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा एसडीएम को भी रेंडम आधार पर पेयजल रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा।

कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि पेयजल व्यवस्था को लेकर निरोधात्मक कार्यवाही की जाए और ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए जिससे किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे। उन्होंने टीम गठित कर सर्वे कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, जिसमें नालियों में लीकेज, सीवरेज लीकेज और कंस्ट्रक्शन साइट का चिन्हांकन किया जाए, ताकि पेयजल में अशुद्धि की संभावना न रहे।

कलेक्टर ने कमियां पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता अनुसार स्टाफ की व्यवस्था करने और किसी भी स्थिति में पानी का ओपन सोर्स न रहने देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने करमदी रोड, चांदनी चौक सहित उन शहरी वार्डों का भी निरीक्षण किया, जहां गंदे पानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और पाइपलाइन सुधार व टेस्टिंग कार्य चल रहा है। चांदनी चौक क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों ने सुलभ कॉम्पलेक्स और वाहन पार्किंग की समस्या से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

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