एसएनसीयू में गंभीर नवजात शिशु हुआ स्वस्थ। प्रोटोकॉल आधारित सेवा से शिशु की बचाई जान

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एसएनसीयू में गंभीर नवजात शिशु हुआ स्वस्थ। प्रोटोकॉल आधारित सेवा से शिशु की बचाई जान

रतलाम- (Ratlam) सिविल सर्जन डॉ एमएस सागर ने बताया कि प्रमिता/संदीप निवासी भामट, शिवगढ़, सैलाना, रतलाम 17 फरवरी 2025 को समय पूर्व डिलेवरी हुई। शिशु को अत्यधिक कम वजन, शॉक एवं सांस लेने की समस्या से गंभीर हालत में एसएनसीयू रतलाम में भर्ती किया गया। भर्ती के समय उसका वजन 1090 ग्राम था। बच्चे को सिविल सर्जन डॉ एमएस सागर के मार्ग दर्शन मे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ ए पी सिंह के नेतृत्व में एसएनसीयू की टीम डॉ अरविन्द परमार, डॉ सोनू कुशवाह, डॉ रोहित पाटीदार एवं प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर भारती गहलोत एवं अन्य नर्सिंग ऑफिसर द्वारा एफबीएनसी गाइडलाइंस अनुसार उपचार शुरू किया गया।

बच्चे को भर्ती उपरान्त सीपेप मशीन के सपोर्ट से ऑक्सीजन प्रदान किया गया, शिशु की स्थिति गंभीर थी, बच्चा शॉक में चला गया। जिसके चलते बच्चे को एफबीएनसी फेसिलिटी बेस्ड नियो नेटल केयर अनुसार प्रबंधन जारी रखा। अगले दिन बच्चे की खून की जांचे कराई गई । करीब 4 दिन बच्चा सीपेप मशीन पर रहा, पीलिया की समस्या के चलते 5 वे दिन फोटोथेरपी लगाई गई एवं करीब 8 दिन बच्चे को आईनोट्रॉप सपोर्ट पर रखा गया एवं गाइडलाइन अनुसार एंटीबायोटिक दी गई।

बच्चे को भर्ती के तीसरे दिन से फीड शुरू की गई एवं 8वे दिन से बच्चे को प्रति दिन कंगारू मदर केयर दी गई जो कि लगभग 30 दिन चली। दसवें दिन के बाद से बच्चे को प्रतिदिन फीडिंग एवं कंगारू मदर केयर प्रदान की जाती रही। करीब 38 दिन तक बच्चा एसएनसीयू में भर्ती रहा । पिछले दिनों लगातार वजन में वृद्धि हुई, मां दूध पिलाने में सक्षम हुई, बच्चा पूरी तरह स्टेबल होने के उपरान्त दिनांक 26 मार्च को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन ‘1440 ग्राम’ था। बच्चे के परिजनों ने एसएनसीयू के समस्त डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर का आभार व्यक्त किया।

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