सैलाना निवासी राठौर परिवार की दो सगी बहने अब नूतन साध्वी स्तव्य प्रसन्ना श्रीजी म.सा. नूतन साध्वी सहजम प्रसन्ना श्रीजी महाराज बनी।
रतलाम- (Ratlam) ‘पालीताणा तीर्थ के शंखेश्वर पुरम मे प.पु. गच्छाधिपति आ.दे. नरदेव सागर सुरीश्वर जी म.सा. की निश्रा में शनिवार को रतलाम जिले सैलाना निवासी सपना राठौर और शीतल राठौर की जैन भगवती दीक्षा महोत्सव संपन्न हुआ।
इस विशाल एवं ऐतिहासिक आयोजन में आचार्य दिव्य चेतना प. पू.पन्यास प्रवर. अभय सागरजी म.सा., प.पु. मालवा भूषण नवरत्नसागरसूरीश्वरजी म. सा.,प.पू. आ. दे. ग. दौलत सागर सूरीश्वर जी म.सा.,प.पू. आ. दे. जिनचंद सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ. ह्रर्ष सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पु.मालव देश दीपिका मनोहर फल्गु श्रीजी म.सा., प.पू. स्वाध्याय प्रेमी अनंतयश श्रीजी म.सा., प.पु. गच्छाथिपति आ. दे. नरदेव सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ, दे. अशोक सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ. दे. पूर्णचंद्र सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पु, आ. दे. सोमचंद्र सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ. दे. विवेकचंद्र सागर सुरीश्वरजी म.सा, प.पू, आ. दे. लब्धिचन्द्र सागर सुरीश्वरजी म.सा. प.पू. आ. दे. अपूर्वचंद्र साणर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ. दे. आगमचंद्र सागर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. आ. दे. सम्य चंद्र सागर सुरीश्वरजी म.सा. सहित करीब 16 मुनि राजों का सानिध्य प्राप्त हुआ। तथा वर्धमान तपोनिधि 94, शिष्या- प्रशिष्याओ की गुरूमैया, मातृहृदया अमितगुणा श्रीजी म.सा.,प.पू. सरल स्वाभावी अनंतगुणा श्रीजी म.सा., प.पू. वेयावच्च प्रेमी अनंतकीर्ति श्रीजी म.सा., प,पू. सुप्रसन्ना श्रीजी म सा., प.पू ऋजु प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. आत्म प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. परम प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. मन प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. रीति प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. राज प्रसन्ना श्रीजी म.सा., प.पू. शीलधरा श्रीजी. म.सा., प.पू शमपुर्णा श्रीजी म.सा.,प.पू, प्रशमना श्रीजी. म.सा., प.पू. हीरयशा श्रीज. म.सा. केसर सूरी समूदायके प.पू. तपस्वी शासनरसा श्रीजी. म.सा. सहित करीब 15 विद्वान साध्वी वर्या का सानिध्य इस ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में दिक्षार्थी द्वारा तीर्थंकर प्रभु की पूजा अर्चना के साथ सैलाना के जैनश्वेताम्बर मूर्ति पूजक ट्रस्ट, जैन श्वेताम्बर श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ,श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन संघ, सुधर्म जैन श्रावक संघ, सहित राठौर परिवार व अन्य संघों ने संयम पथ पर अग्रसर हो रही सपना राठौर और शीतल राठौर का अभीनंदन किया। दीक्षा विधि प्रारंभ करने के पूर्व रजो हरण प्रक्रिया दिक्षार्थी सपना व शीतल के वस्त्र परिवर्तन करने के पश्चात ढोल धमाकों के साथ दीक्षा स्थल पर लाया गया। यहाँ पूज्य आचार्य गच्छाधिपति नरदेव सागर जी म.सा. ने दीक्षा विधि प्रारंभ करवाई, दीक्षा जी को विजय तिलक लगाने के प्रथम वस्त्र भेंट करने की बोलियां के साथ आचार्य भगवंत व दोनों शिष्याओ द्वारा कैस लोचन कर विधि विधान से दीक्षा संपन्न करवाई गई।
इसी के साथ आचार्य भगवन्तों द्वारा नूतन साध्वी जी का नाम स्तव्य प्रसन्ना श्रीजी म.सा. नूतन साध्वी सहजम् प्रसन्ना श्रीजी महाराज नाम की घोषणा होते ही जिन शासन के जयकारे से पंडाल गूंज उठा।




