टीवी अभिनेता दिलीप जोशी ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, बोले-“यहां आकर अद्भुत शांति मिलती है।
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम/उज्जैन, टीम कृष्णकांत मालवीय, संतोष चौहान, मोहित शर्मा।
उज्जैन- (ujjain) लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता दिलीप जोशी ने शुक्रवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।
दर्शन उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अभिनेता दिलीप जोशी का पारंपरिक शॉल, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। मंदिर परिसर में उनकी उपस्थिति की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और कई भक्तों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।
महाकाल लोक बनने के बाद पहली यात्रा-
दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए दिलीप जोशी ने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद यह उनकी पहली उज्जैन यात्रा है। उन्होंने कहा, “इससे पहले मैं दो-तीन बार बाबा महाकाल के दर्शन कर चुका हूं और एक बार भस्म आरती में भी शामिल हुआ था। आज पूरा परिसर पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। यहां आकर बहुत आनंद और अद्भुत शांति का अनुभव होता है।”
महाकाल हमारे आदि देव हैं-
अभिनेता ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा, “हम ब्राह्मणों के लिए भगवान महाकाल आदि देव हैं। उनके दर्शन जितनी बार किए जाएं, उतने ही कम हैं। जब बाबा का बुलावा आता है, तभी यहां पहुंचने का सौभाग्य मिलता है। आज दर्शन पाकर मन अत्यंत प्रसन्न और शांत है।” परिवार के साथ दोबारा आने की इच्छा दिलीप जोशी ने यह भी बताया कि वे भविष्य में अपने परिवार के साथ पुनः बाबा महाकाल के दर्शन करने अवश्य आएंगे। उन्होंने उज्जैन की आध्यात्मिक ऊर्जा और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओ की भी सराहना की है।
महाकाल लोक बना आस्था का वैश्विक केंद्र-
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित महाकाल लोक कॉरिडोर के निर्माण के बाद उज्जैन देश-विदेश के श्रद्धालुओं और विशिष्ट व्यक्तियों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया है। बीते समय में क्रिकेटर केएल राहुल, गौतम गंभीर, विराट कोहली, कुलदीप यादव सहित कई नामी हस्तियां बाबा महाकाल के दर्शन कर चुकी हैं। लगातार हो रहे विशिष्ट आगमन से न केवल उज्जैन की धार्मिक गरिमा बढ़ी है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यटन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।




