मध्यप्रदेश के रतलाम जिला मुख्यालय में रहने वाला ललित का नाम गिनीज बुक में हुआ दर्ज
17/Feb/2025
ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम
रतलाम- रतलाम जिले के नांदलेटा गांव में रहने वाला ललित पाटीदार का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
शनिवार को इटली के मिलान शहर में आयोजित समारोह में वेयरवोल्फ सिंड्रोम नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित नंदलेटा गांव का 19 वर्षीय ललित पाटीदार का नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया है। ललित को अवार्ड भी मिला है।
बतादे कि ललित पाटीदार जन्म से ही चेहरे सहित पूरे शरीर पर घने बालों के उगने की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित इस दुर्लभ बीमारी ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शुमान करवा दिया। मेडिकल एक्सपर्ट की जानकारी के अनुसार पूरी दुनिया में केवल 50 ही लोगों को यह दुर्लभ बीमारी है। ललित को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इस लिए शामिल किया गया कि उनके चेहरे पर 201.72/ से.मी स्क्वायर बाल है, जो अब वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
यह है ललित की कहानी-
दरअसल मध्य प्रदेश के रतलाम जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलो मीटर दूर सैलाना-अयाना मार्ग स्थित ग्राम नांदलेटा में 19 वर्षीय ललित पाटीदार का जन्म हुआ है। जहां वह जन्म से ही एक दुर्लभ बीमारी के साथ ही पैदा हुआ है। जन्म के समय पर ही ललित के चेहरे और शरीर पर घने बाल उगे हुए थे, जिन्हें डॉक्टर ने सेविंग करके हटा दिया था। लेकिन ललित के शरीर पर दोबारा धीरे-धीरे घने बाल उगने लगे। ललित जब 7 साल के थे, तब उसके माता-पिता ने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि उसे हाइपरट्रिकोसिस है और दुनिया में केवल 50 लोग भी इस बीमारी से पीड़ित है। वर्तमान में इस बीमारी का कोई इलाज संभव नहीं है। इसके बाद ललित गांव में ही माता-पिता के साथ रहकर सामान्य जीवन बिताने लगे। साथ ही ललित ने अपना जीवन उज्जवल बनाने के लिए स्कूल जाना शुरू किया।
ललित का वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम किया शामिल-
ललित को जन्म के साथ ही चेहरे सहित शरीर पर घने बाल उगने की अजीब बीमारी है। इसक बीमारी को मेडिकल साइंस में वेयरवोल्फ सिंड्रोम कहा जाता है। हालांकि इस बीमारी के चलते ललित को बचपन से ही बहुत कुछ सहना पड़ा। बचपन में स्कूल के बच्चे उन्हें बंदर और भालू कहकर चिढ़ाते थे। कई ग्रामीण ललित को हनुमान जी का अवतार भी बताते थे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम शामिल ललित ने बताया कि उन्हें इटली के मिलान शहर में आयोजित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के कार्यक्रम में अवार्ड दिया गया है। ललित वर्ल्ड रिकॉर्ड का अवार्ड हासिल कर वापस घर लौट रहा हैं, यहां उनके गांव में वही लोग जो कभी उन्हें चढ़ाया करते थे। आज उनके स्वागत के लिए तत्पर खडे है।




