नरवाई प्रबंधन के सम्बन्ध में मानिटरिंग किए जाने के निर्देश
रतलाम- (Ratlam) कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में 17 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग आयोजित की गई जिसमें नरवाई जलाए जाने के कारण हो रही दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर रतलाम एनआईसी कक्ष में कलेक्टर, अपर कलेक्टर डा. शालिनी श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि वर्तमान में जिले में गेहूं फसल की कटाई कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें किसानों द्वारा कटाई उपरांत गेहूं फसल के अवशेष में आग लगा दी जाती हैं। जिससे पर्यावरण में प्रदूषण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है, मिट्टी में पल रहे लाभदायक जीवाणु एवं सूक्ष्म जीव आग से नष्ट हो जाते हैं तथा अन्य घटनाएं भी घटित होने की संभावना बनी रहती है।
कलेक्टर द्वारा इस सम्बन्ध में कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा पंचायत विभाग द्वारा मानिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए स्ट्रारीपर, बेलर, सुपर सीडर, हेप्पी सीडर, जिरोटीलेज आदि यंत्रों के माध्यम से नरवाई कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।




