सैलाना में रात 10:30 बजे पश्चात शुभ मुहूर्त में हुआ होलीका दहन। त्यौहारी हाट बाजार और होली पर्व पर पूरे शहर में बरसी रौनक

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सैलाना में रात 10:30 बजे पश्चात शुभ मुहूर्त में हुआ होलीका दहन। त्यौहारी हाट बाजार और होली पर्व पर पूरे शहर में बरसी रौनक

14/Mar/2025

ब्यूरो रिपोर्ट mpkikhabar रतलाम 

रतलाम (Ratlam,mp)- रतलाम जिले के सैलाना में त्यौहारी हाट बाजार और होली पर्व एक ही दिन होने से पूरे शहर में रौनक बरसी। दिनभर नगर के विभिन्न बाजारों में दूर दराज से आए ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दी। जो न केवल खरीद फरोख्त करती रही, बल्कि रंग-गुलाल उड़ा कर त्यौहारी खुशी मनाती भी नजर आई। वैसे तो होली पर्व पर रौनक रहती ही है, परंतु इस बार सैलाना नगर में गुरुवार हाट बाजार ने इस पर्व की रौनक पर गोया चार चांद लगा दिए।

उधर त्यौहारी हाट एवं होली का पर्व एक ही दिन रहने से प्रशासन पूर्व से ही मुस्तैद था। प्रशासनिक व पुलिस प्रशासन की तैयारीयों के चलते हुडदंगियों पर लगाम कसी रही। दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 तक पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चौकस रहा। एसडीओपी नीलम बघेल व थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गडरिया के नेतृत्व में अलग-अलग भ्रमण पर तैनात पुलिस बल की सक्रियता के कारण जहां कहीं भी कुछ हुल्लड, हुड़दंग दिखाई वहां से पुलिस बल ने लोगों को तितर बितर किया। युवाओं की मस्ती में हालांकि कोई अवरोध तो पुलिस प्रशासन ने पैदा नहीं किया परंतु उन्हें एक सीमा से अधिक हुड़दंग भी नहीं करने दिया।

रंग-गुलाल उड़ाते ग्रामीण युवाओं को शाम को 5:00 बजे पश्चात पुलिस प्रशासन ने समझा बूझाकर अपने घर रवाना किया। चूंकि दिन भर उनकी मौज मस्ती में पुलिस ने कोई ज्यादा अवरोध पैदा नहीं किए थे‌‌। इसलिए युवा भी मौज मस्ती के साथ झूमते हुए शाम 5:00 बजे पश्चात अपने घरों और गांवो की ओर लौटने लगे। शाम 6:00 बजे तक तो माहौल काफी कुछ शांत हो चला था।

दोपहर पश्चात शुरू हुई, होलिका दहन की तैयारीयां-

सैलाना नगर में गुरुवार को दोपहर पश्चात होलिका दहन की तैयारी शुरू हो गई। नगर के गली मोहल्ले में अनेक स्थानो पर होली का दहन हुआ। इससे पूर्व दिनभर गली मोहल्लों के कार्यकर्ता होली की तैयारी में व्यस्त नजर आए। अधिकतर स्थानों पर सामान्य लकड़ी-कंडों की होली देखने को मिली।

रात 10:30 बजे पश्चात शुभ मुहूर्त में हुआ होलीका दहन-

रात 10:30 बजे पश्चात शुभ मुहूर्त में लगभग सारे स्थानों पर होलिका दहन हुआ। इससे पूर्व मोहल्ले की युवक युवतियां व बुजुर्ग लोगों ने अपने नन्हे मुन्ने बच्चों को गोद में उठाकर और स्वयं भी धधकती होली की परिक्रमा की। माना जाता है कि होलिका दहन के दौरान आग की ताप से बच्चे सुरक्षित रहते हैं व बिमार नहीं होते हैं। कई लोगों ने नारियल व गेहूं की बालियों को भी होलिका दहन के दौरान जलाकर खाया। माना तो यह भी जाता है कि गेहूं की बालियों और नारियल को होली की आग में तपाकर खाना काफी लाभकारी व गुणकारी होता है।

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