पूर्व विधायक गेहलोत के निवास पर मनाई डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती
रतलाम (Ratlam) भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता, अर्थशास्त्री और शिक्षाविद रहे ऐसे महान योद्धा का जन्मोत्सव है। इस अवसर पर सैलाना विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सैलाना द्वारा पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत के निवास किया गया। सर्व प्रथम पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण अर्पण किया। तत्पश्चात समस्त नगर सहित क्षेत्र से आये कांग्रेस जनों द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
विधायक हर्ष विजय गहलोत ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों पर चर्चा करते हुए उनके योगदानों पर कहां की भारतीय संविधान के जनक डॉक्टर अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने संविधान सभा समिति के अध्यक्ष के रूप में कई कामकिये और सुनिश्चित किया कि संविधान में सभी नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा हो सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करते हुऐ अंबेडकर ने अपना जीवन दलितों और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने में समर्पित किया। उन्होंने जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई और सामाजिक उत्थान के लिए शिक्षा को सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण माना। आप महिलाओं के अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने महिलाओं के लिए समान अवसर और कानूनी सुरक्षा की वकालत की श्रमिकों की बेहतर कार्य परिस्थितियों और अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। डॉ. अंबेडकर के अर्थशास्त्र संबंधी विचारों ने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हिंदू धर्म में व्याप्त जातिवाद से निराश होकर डॉ. अंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया और लाखों दलितों को भी इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। अंबेडकर ने भारतीय तिरंगे में अशोक चक्र को शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे उनके अन्य कार्य पर कांग्रेस जनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके के कार्यों पर चलने का व संविधान की रक्षा करने का वचन लिये। इस अवसर पर बड़ी संख्या मे कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।




