ग्राम रणायरा में देवरण्य योजना अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

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ग्राम रणायरा में देवरण्य योजना अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

रतलाम- (Ratlam) आयुष विभाग मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं राजेश बाथम के मार्ग दर्शन में आयुष विभाग रतलाम एवं सॉलिडरिडाड संस्था के संयुक्त तत्वावधान में देवरण्य योजना के अंतर्गत पिपलोदा ब्लॉक के ग्राम रणायरा में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में 35 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को “एक जिला एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत तुलसी की वैज्ञानिक खेती, विपणन, भंडारण तथा जलवायु अनुकूल खेती संबंधी जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम का संचालन सॉलिडरिडाड संस्था से राहुल गहलोत ने किया। उन्होंने किसानों को तुलसी की वैल्यू चेन, एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के संचालन एवं उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला आयुष अधिकारी डॉ. आशीष राठौर ने देवरण्य योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए योजना के उद्देश्य, लाभ एवं तुलसी को एक हिलायक उत्पादन के रूप में चुनने के पीछे का तर्क किसानों के समक्ष रखा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे तुलसी की खेती को अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।

सॉलिडरिडाड संस्था से ही प्रकाश धाकड़ ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कीटनाशक एवं उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी और तुलसी उत्पादन की उन्नत तकनीकों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में गांव के प्रगतिशील किसान मुकेश पाटीदार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि तुलसी की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ है और अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों की उपस्थिति उत्साहजनक रही और उन्होंने देवरण्य योजना के अंतर्गत प्राप्त जानकारी को अपनी खेती में अपनाने का संकल्प लिया।

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