धामनोद नगर परिषद की खराब कार्य प्रणाली से आक्रोशित नागरिको व पार्षदों ने सौंप दिया कुत्ते को ज्ञापन

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धामनोद नगर परिषद की खराब कार्य प्रणाली से आक्रोशित नागरिको व पार्षदों ने सौंप दिया कुत्ते को ज्ञापन

पूरे प्रदेश में इस प्रकार का पहला विचित्र मामला

रतलाम- (Ratlam) जिले धामनोद नगर परिषद की खराब कार्य प्रणाली से आक्रोशित होकर नागरिकों व पार्षदों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करते हुए कुत्ते को ज्ञापन सौंपने का एक अनोखा मामला प्रकाश में आया है। बतादें की आक्रोशित लोगों ने मुख्य नगर परिषद अधिकारी पूजा गोयल को ज्ञापन ना देते हुए, वहां पर मौजूद एक कुत्ते के गले में फुलों की माला पहनाकर गले में ज्ञापन बांधकर सौंप दिया गया। इस अनोखी खबर ने धामनोद सहीत पुरे रतलाम जिले में तहलका मचा दिया है। तो वहीं दूसरी ओर नगर परिषद धामनोद के विरुद्ध आक्रोशित नागरिकों व वार्ड पार्षदों का यह विरोध प्रदर्शन प्रशासन की कार्यशैली पर बडा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि सीएमओ गोयल और जिम्मेदार अधिकारी इस विरोध और ज्ञापन को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

मंगलवार को ज्ञापन लेने मे सीएमओ साहब आनाकानी करते रहे। तो आक्रोशितजनो ने नगर परिषद के बाहर सीएमओ साहब के खिलाफ नारेबाजी कर परिषद में घुम रहे आवारा कुत्ते को फुलों की माला पहनाकर पर गले में ज्ञापन सौंप दिया। जिसका फोटो ओर विडियो सोशल मीडिया पर कॉफी वायरल हो रहा है।

यह लिखा था ज्ञापन में-

ज्ञापन में लिखा हुआ था की प्रधानमंत्री आवास योजना का नगर में सफल क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। नगर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जो सीमित मूलभूत सुविधाएं हैं। वह भी दिन-प्रतिदिन ध्वस्त होती जा रही है। प्रचार प्रसार के अभाव में शासन की योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक नहीं पहुंच पाई है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं से आम जन वंचित हो रहे हैं। निकाय के कई कर्मचारियों के विरुद्ध मिली शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। निर्माण कार्यों में एजेंसियों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिन पर कार्रवाई की जायें।

पीएम आवास योजना 2.0 (बीएलसी घटक) अंतर्गत बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किए गए हैं। लेकिन केवल 7 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए पैतृक संपत्ति की रजिस्ट्री खर्च और अन्य खर्च सहिल हजारों रुपए की राशि खर्च की है। योजना क्रियान्वयन व्यापक रूप से किया जावें।

अगर दादा- पिता के नाम पर पूर्व से पक्का मकान है तो उनके विवाहित पुत्रों का भी मालिकाना हक नहीं माना जाला है। इस लिए पति-पत्नी और इनके बच्चों को पूर्ण परिवार माना जावें और उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जायें।

नगर में कायाकल्प अभियान अंतर्गत सीसी रोड़ निर्माण, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास तृतीय चरण अंतर्गत किये गये निर्माण कार्य, राज्य आपदा प्रबंधन निधि से स्वीकृत राशि से किये जा रहे निर्माण कार्य, आदि निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितताएं की गई एवं की जा रही है। शिकायतों के बावजूद निकाय के उपयंत्री और संबंधितों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

वार्ड नं 12 में सड़क बत्ती, नालियों का अभाव है। साथ ही दीनदयाल नगर पहुंच मार्ग पर पुलिया के दोनों तरफ रास्ता कच्चा होने से दुर्घटनाएं हो रही है जहां सीसी रोड़ का निर्माण किया जायें।

वार्ड नं 10, 11 एवं 12 में नालियां टूट गई है, गंदगी फेल रही है, पारपुरा क्षेत्र में वर्तमान समय में नल से पानी चंद मिनटों के लिए दिया जा रहा है। व्यवस्था सुधारी जावें। वार्ड 11 में सीसी रोड़ का एप्रोच पक्का बनाया जावे।

सरकार द्वारा धारणाधिकार के तहत नगर में दिये गये आवासीय भूखण्ड पट्टे निकाय के संपत्ति कर रिकार्ड में हितग्राहियों के नाम से दर्ज किया जावें। ताकि उनको प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य लाभ मिल सकें।

जन्म, विवाह एवं मृत्यु पंजीयन के लिए संबंधित नागरिकों को दरोगा समय पर सुचना करें, ताकि समयावधि में पंजीयन नगर परिषद में किया जावें। जानकारी के अभाव में कई संबंधित लोग पंजीयन नहीं करवाते हैं जिससे बाद में आवश्यकता होने पर उनको महिनों तक भटकना पड़ता है।

वार्ड नं 15 भल्याबीड़ पहुंच मार्ग पर पुलिया का निर्माण एवं सड़क निर्माण किया जायें।

पंचेड़ रोड़ स्थित फूड्स फेक्ट्री प्रबंधन द्वारा बदबूदार गंदा पानी नाले और खुले में छोड़ा जा रहा है जिससे वातावरण दूषित हो रहा है। वहीं उक्त फैक्ट्री से निकलने वाले भारी मात्रा में कचरा, गंदगी निकाय के ट्रेचिंग ग्राउंड पर फैंका जा रहा है, जिसपर कार्रवाई की जावें।

नगर में कई प्रमुख जगहों पर दबंगों और रसूखदार लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। जिन पर कार्रवाई नहीं कर आम लोगों को अतिक्रमण के नाम पर परेशान किया जा रहा है। बगैर भेद-भाव के कार्रवाई की जायें।

नगर में आवारा एवं खूंखार कुत्तों की संख्या काफी अधिक हो गई है। जो नागरिकों पर आक्रमक हो रहे एवं वाहन सवारों पर पर हमला करने के लिए दौड़ रहे हैं। जिसपर कार्रवाई की जायें। निकाय में संपत्ति नामांतरण के लिए आवेदन करने के बाद संबंधित नागरिक महिनों तक नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगाते हैं। नामांतरण आवेदन पर 45 दिवस में कार्रवाई की जावें।

निकाय के उपयंत्री अभीषेक श्रीवास्तव द्वारा अपने कर्तव्यों में भयंकर लापरवाही बरती जा रही है। इनके विरुद्ध कई शिकायते समय-समय पर हुई है। निर्माण कार्यों सहित अन्य कार्यों में भ्रष्टाचार में इनकी संलिप्तता है। इनके विरुद्ध कानूनी एवं निलंबन की कार्रवाई हेतु रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जावें।

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